
गर्भवती महिला के खाने पर डॉक्टर कई तरह की रोक लगाते हैं. यह रोक कैलोरी लेने की मात्रा, अलग-अलग तरह के खाने और यहां तक कि हर दिन खाने के समय और संख्या में भी हो सकता है. गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे के स्वस्थ रहने के लिए एक रूटीन का पालन करना जरूरी होता है. महिलाएं अक्सर गर्भावस्था के दौरान अमरूद खाने के बारे में पूछती हैं कि इसे खाना सुरक्षित होता है या नहीं क्योंकि यह एक स्वादिष्ट और लोकप्रिय फल है.
हालांकि, अमरूद पूरा साल भर मिलता है लेकिन इसे वसंत और बरसात का मौसमी फल माना जाता है. इसीलिए, गर्भावस्था में अमरूद खाने के फायदों के बारे में जानना जरूरी है. इस लेख में इस मौसमी फल के फायदों और नुकसान (अगर कोई है तो), और अपने खाने में इसे शामिल करने के बारे में बताया जाएगा.
गर्भावस्था में अमरूद खाने के फायदों में से एक है इसका विटामिन और खनिजों से भरपूर होना. इसमें विटामिन A, C, B2 और E होते हैं. असके अलावा, इसमें बहुत सारे खनिज भी होते हैं जिनमें कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम शामिल हैं. ये सभी पोषक तत्व होने वाली मां और गर्भस्थ बच्चे की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, जिससे इंफेक्शन और बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है.
फॉलिक एसिड में विटामिन B9 या फोलेट होता है. इसे होने वाली मां के लिए गर्भावस्था के दौरान खाना जरूरी होता है क्योंकि यह भ्रूण में न्यूरल (तंत्रिका तंत्र) ट्यूब बनते हैं. इसके साथ ही, गर्भावस्था में अमरूद अच्छा होता है क्योंकि फॉलिक एसिड से जन्म से होने वाली गंभीर तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां जैसे अनेंसिफली और स्पाइना बिफ़िडा को रोकने में मदद मिलती है. ज्यादातर डॉक्टर गर्भावस्था की डाइट में इस मौसमी फल को शामिल करने की सलाह देते हैं.
शरीर में हार्मोन बदलाव की वजह से गर्भवती महिलाओं को अक्सर पाचन संसे जुड़ी समस्याएं होती हैं. उन्हें दस्त, कब्ज, गैस और पेट में सूजन भी हो सकता है. इसलिए गर्भावस्था के दौरान अमरूद खाना महिलाओं के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. इसमें फाइबर और पानी अच्छी मात्रा में होता है, इसलिए पाचन और पेट साफ सही होता है. यह पाचन और कब्ज की समस्याओं को काफी कम कर सकता है. यह गट फ्लोरा को भी रिस्टोर करता है और सुनिश्चित करता है कि गर्भवती महिलाओं को पाचन तंत्र में संक्रमण न हो.
गर्भावस्था के दौरान शरीर में हार्मोन बदलाव बहुत सामान्य बात होती है जिससे बलद प्रेशर भी अनियमित होता है. इसके साथ ही, ब्लड प्रेशर बढ़ाने में डिलीवरी से पहले होने वाले डिप्रेशन की भूमिका भी होती है. इसलिए, क्या अमरूद खाना गर्भावस्था के लिए अच्छा है, इस सवाल के जबाब में कहा जा सकता है इस फल में पाया जाने वाला पोटेशियम ब्लड प्रेशर को आसानी से नियंत्रित करता है. साथ ही, इसके एंटी-ऑक्सीडेंट शरीर के ऑक्सीडेटिव डैमेज को कम कर सकते हैं और इससे ब्लड प्रेशर को एक खास सीमा तक मैनेज किया जा सकता है.
गर्भावस्था में अमरूद के महत्वपूर्ण फायदों में से एक इसका मां और भ्रूण में गर्भावस्था की डायबिटीज को कम करने की क्षमता है. गर्भावस्था में डायबिटीज तब होती है जब शरीर से पैदा हुए इंसुलिन के प्रति शरीर रिस्पॉन्स नहीं करता है, या हार्मोन ब्लड शुगर के कंसंट्रेशन को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नहीं निकलता है. नतीजतन, भ्रूण भी जन्म से डायबिटिक होता है जिससे भविष्य में परेशानियां हो सकती हैं.
गर्भावस्था में अमरूद के खाने फायदों में से एक और है इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट का भरपूर मात्रा में होना. विटामिन E या टोकोफेरॉल एक मुख्य एंटी-ऑक्सीडेंट है जिससे शरीर का ऑक्सीडेटिव डैमेज कम होता है और स्वस्थ भ्रूण का विकास होता है.
गर्भावस्था में अमरूद खाने से प्रजनन से जुड़े भी कई फायदे होते हैं. निम्नलिखित कुछ फल महिलाओं की प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकते हैं.
अ. ज्यादा मात्रा में फॉलिक एसिड लेने से गर्भधारण करने की संभावना बढ़ती है.
ब. साथ ही, अमरूद में विटामिन C होता है जिससे महिलाओं में प्रजनन क्षमता बढ़ती है और गर्भधारण में मदद मिलती है.
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हालांकि, गर्भावस्था में अमरूद खाने का कोई भी नुकसान नहीं होता, आपको इसके कुछ खास नुकसान के बारे में जानना चाहिए.
अ. अमरूद में ज्यादा फ़ाइबर होता है इसलिए, इसे ज्यादा खाने से डायरिया हो सकता है. जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी आ सकती है और इससे गर्भावस्था में समस्याएं आ सकती हैं.
ब. लोग अक्सर पूछते हैं कि क्या हम गर्भावस्था के दौरान अमरूद खा सकते हैं. तो, जबाब है कि हां, लेकिन इसको अच्छी तरह धोने और इसका छिलका निकालने के बाद. इससे किसी भी तरह के बैक्टीरिया इंफेक्शन को रोकने में मदद मिलेगी.
अ. गर्भावस्था में अमरूद खाने के ज्यादा फायदों के लिए ऑर्गैनिक फल खाना बेहतर होगा क्योंकि इनमें कोई कैमिकल नहीं होते जिनसे गर्भावस्था में समस्या हो.
ब. साथ ही, अमरूद को बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. इससे डायरिया और पेट दर्द हो सकता है.
c. खाली पेट अमरूद नहीं खाने की सलाह दी जाती है, खासकर गर्भवती महिलाओं को.
अ. गर्भवती महिलाओं के लिए सफेद गूदा वाला अमरूद खाना लाल वाले अमरूद से ज्यादा फायदेमंद होता है.
ब. इसे बीजों के साथ ही खाना बेहतर होता है क्योंकि इसमें फाइबर होता है और सही पाचन और पेट साफ करने में मदद मिलती है.
स. गर्भावस्था में अमरूद खाने का सही समय नाश्ते के बाद या दोपहर के खाने के 2 घंटे बाद का समय सही होता है.
द. अमरूद को केला, स्ट्राबेरी, बेरी, आम, और तरबूज के साथ मिलाकर खाने से शरीर को पोषक तत्व देने में मदद मिलती है.
ध. पके हुए अमरूद कच्चे अमरूद की अपेक्षा बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं.
गर्भावस्था में अमरूद के फायदों को जानने के बाद इस स्वादिष्ट, रसीले और नरम फल को अपनी डाइट में शामिल करने में अब कोई समस्या नहीं होगी. हालांकि, अमरूद को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा.




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